प्रधानमंत्री मोदी: अरुणाचल को पहली बार रेल मैप पर लाने का काम इस चौकीदार ने किया।

ईटानगर.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अरुणाचल प्रदेश से पूर्वोत्तर में लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की। यहां उन्होंने कहा कि नामदार (राहुल गांधी) को लोगों की भलाई नहीं अपनी मलाई की चिंता है। अगर दोबारा घुसने दिया तो वह मलाई खा जाएंगे।असम के डिब्रूगढ़ में कहा कि पहले लगता था कि उन्हें (विपक्ष) एक चायवाले से नफरत है, लेकिन यहां आकर मालूम हुआ कि उन्हें तो चाय के कारोबार से जुड़ा कोई व्यक्ति पसंद नहीं। दोनों राज्यों में पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होगा।

‘अरुणाचल को पहली बार रेल मैप पर चौकीदार ही लाया’
मोदी ने कहा, “कांग्रेस के नामदारों ने अरुणाचल की परवाह नहीं की। अरुणाचल को पहली बार रेल मैप पर लाने का काम इस चौकीदार ने किया। बोगीबील पुल की शुरुआत की। आजादी के 70 साल बाद आपको हवाई कनेक्टिविटी मिल पाई है। दशकों से जानकार कह रहे थे कि अरुणाचल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है। नामदार और उनके राजदरबारियों को आपकी भलाई नहीं, अपनी मलाई की चिंता थी। अब उन्हें दोबारा घुसने मत देना, नहीं तो ये लोग आपकी मलाई चट कर जाएंगे। गरीबों की मलाई कौन खा गया था। इनकी खाने की ताकत इतनी है कि वे अरुणाचल और केरल की भी खा सकते हैं। इनकी सरकार दिल्ली में हो या किसी राज्य में करप्शन से इनका नाता मजबूत रहा है। यही उनका गठबंधन है।”

नामदार खुद जमानत पर, चौकीदार को गाली दे रहे’
प्रधानमंत्री ने कहा, “दिल्ली में बैठे इनके (कांग्रेस के) नेता इनकम टैक्स चुराते हैं। नामदार को खुद जमानत मिली हुई है। अगर ये न मिलती तो कहां होते? खुद तो बच गए और चौकीदार को गाली दे रहे हैं। इन लोगों को टेकन फॉर ग्रांटेड की पुरानी आदत रही है। इन्हें देश और युवाओं के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है। ये ऐसे लोग हैं कि देश की उपलब्धियों पर नामदारों और रागदरबारियों के चेहरे लटक जाते हैं, बस रोना रह जाता है।”

चायवाला हूं, आपका दर्द समझ सकता हूं: मोदी

मोदी ने डिब्रूगढ़ में कहा, ”वे (विपक्ष) चौकीदार से नफरत करते हैं, उन्हें चायवालों से भी परेशानी है। मुझे लगता था कि सिर्फ एक चायवाला उनके निशाने पर हैं, लेकिन जब मैं बंगाल और असम समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में गया। तब पता चला कि उन्हें चाय के कारोबार से जुड़े लोग भी अच्छे नहीं लगते हैं। आखिर क्यों चाय किसान 70 साल से परेशानी झेल रहे हैं? आज उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी गईं। कोई चायवाला ही चायवालों का दर्द समझ सकता है।”

पूर्वोत्तर की 25 सीटें जीतने का लक्ष्य

भाजपा ने इस बार पूर्वोत्तर की 25 लोकसभा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है। पिछली बार एनडीए को आठ सीटें मिली थीं। अरुणाचल की दो लोकसभा और 60 विधानसभा सीटों पर साथ मतदान होना है। दूसरी ओर, असम लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है, यहां 14 सीटों पर 11, 18 और 23 अप्रैल को वोटिंग होगी।

पूर्वोत्तर में कई दलों के साथ भाजपा का गठबंधन
पूर्वोत्तर के चुनाव प्रभारी राम माधव ने फेसबुक पोस्ट में लिखा- ”भाजपा, एनपीपी, एनडीपीपी, एजीपी और बीपीएफ मिलकर असम, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल में कांग्रेस को हराएंगे। वहीं, त्रिपुरा में भाजपा आईपीएफटी और अन्य सहयोगी दलों के साथ लड़ेगी। सिक्किम में मुख्य विपक्षी दल एसकेएम हमारे साथ है।”

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